Sahara India Pariwar Refund: सहारा निवेशकों की लग गई लॉटरी, दिसंबर से आएगा खाते में पैसा

Sahara India Pariwar Refund: सहारा इंडिया में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई फंसा चुके करोड़ों निवेशकों के लिए पिछले कुछ साल किसी ‘बुरे सपने’ से कम नहीं रहे। किसी ने बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़े थे, तो किसी ने बुढ़ापे की लाठी समझकर सहारा की स्कीमों में निवेश किया था। सालों का इंतजार और अनगिनत कानूनी लड़ाइयों के बाद अब आखिरकार निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटने वाली है।
ताजा अपडेट के मुताबिक, दिसंबर 2025 से रिफंड की प्रक्रिया में जबरदस्त तेजी आने वाली है। सबसे बड़ी ‘खुशखबरी’ यह है कि सरकार अब पहली और दूसरी किस्त का पैसा एक साथ देने की तैयारी में है। चलिए जानते हैं कि इस रिफंड का पूरा ‘खेला’ क्या है और आपका पैसा आपके खाते में कैसे पहुंचेगा।
क्यों फंसा था करोड़ों लोगों का पैसा?
एक वक्त था जब गली-मोहल्ले में सहारा के एजेंटों का बोलबाला था। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े बिजनेसमैन तक, हर किसी ने भारी रिटर्न के लालच में सहारा में पैसा लगाया। लेकिन जब वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं। कोर्ट ने सहारा को पैसा लौटाने का आदेश तो दिया, पर कागजी कार्रवाई और कानूनी दांव-पेंच में मामला सालों तक लटका रहा। अब सरकार और सहकारिता मंत्रालय ने मिलकर इस उलझन को सुलझाना शुरू कर दिया है।
CRCS पोर्टल: रिफंड पाने का एकमात्र ‘असली’ रास्ता
सरकार ने रिफंड की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए CRCS-Sahara Refund Portal लॉन्च किया है। अब आपको किसी एजेंट के चक्कर काटने या दफ्तरों की खाक छानने की जरूरत नहीं है।
- आपको बस इस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और सहारा के ओरिजिनल बॉन्ड पेपर या रसीदें जरूरी हैं।
- आपके दस्तावेजों की जांच (Verification) होने के बाद पैसा सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा।
दिसंबर 2025 से ‘डबल धमाका’: दो किस्तें एक साथ!
निवेशकों के लंबे इंतजार को देखते हुए सरकार ने रिफंड की रफ्तार बढ़ाने का फैसला किया है। अब तक रिफंड किस्तों में दिया जा रहा था, जिससे काफी समय लग रहा था। लेकिन अब खबर है कि दिसंबर 2025 से पात्र निवेशकों को पहली और दूसरी किस्त एक साथ दी जाएगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिनकी आर्थिक स्थिति काफी नाजुक है। जिन निवेशकों के कागजात बिल्कुल सही पाए गए हैं, उन्हें इस ‘डबल पेमेंट’ लिस्ट में प्राथमिकता दी जा रही है।
इन गलतियों से बचें, वरना अटक जाएगा पैसा
अक्सर देखा गया है कि लोग फॉर्म भरते समय छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे रिफंड रुक जाता है। इन बातों का खास ख्याल रखें:
- नाम का मिलान: सहारा के बॉन्ड और आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए।
- ओरिजिनल डॉक्यूमेंट: रसीद या बॉन्ड पेपर का फोटो साफ अपलोड करें। अगर ये खो गए हैं, तो डुप्लीकेट के लिए तुरंत अप्लाई करें।
- मोबाइल नंबर: अपना वही नंबर दें जो आधार से लिंक हो, क्योंकि ओटीपी (OTP) उसी पर आएगा।
- बैंक अकाउंट: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता ‘सक्रिय’ (Active) हो और उसमें DBT सुविधा चालू हो।
सावधान! दलालों और फर्जी कॉल से बचें
जब भी रिफंड की बात आती है, तो ‘ठग’ भी एक्टिव हो जाते हैं। अगर कोई आपको फोन करके कहे कि “मैं 10% कमीशन लेकर आपका पैसा जल्दी निकलवा दूंगा”, तो समझ जाइए कि वो फर्जी है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन करना बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी अधिकारी आपसे फोन पर ओटीपी या बैंक पासवर्ड नहीं मांगता। अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष: उम्मीद की नई किरण
सहारा इंडिया रिफंड की राह अब साफ होती दिख रही है। भले ही पूरी राशि एक बार में न मिले, लेकिन दिसंबर 2025 से मिलने वाला ‘डबल रिफंड’ एक बड़ा सकारात्मक कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि सबसे पहले उन छोटे निवेशकों को राहत दी जाए जिन्होंने ₹10,000 से ₹50,000 तक का निवेश किया था। धैर्य रखें और अपने दस्तावेजों को दुरुस्त रखें, आपकी मेहनत की कमाई अब जल्द ही आपके पास होगी।




