RGPV Diploma Equivalence: 10वीं के बाद 3 साल का डिप्लोमा या 12वीं? जानें क्या है बेस्ट ऑप्शन

RGPV Diploma Equivalence: 10वीं के बाद 3 साल का डिप्लोमा या 12वीं? जानें क्या है बेस्ट ऑप्शन। अक्सर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि क्या RGPV से किया गया 3 साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा क्लास 12th के बराबर माना जाता है? तो इसका जवाब है— जी हाँ! 3 साल का डिप्लोमा न केवल 12वीं के बराबर (Equivalent) है, बल्कि करियर के मामले में यह उससे कहीं ज्यादा पावरफुल भी है।
आजकल की कॉम्पिटिटिव दुनिया में सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं है। जहाँ 12वीं सिर्फ एक स्कूलिंग सर्टिफिकेट है, वहीं डिप्लोमा आपको एक ‘टेक्निकल एक्सपर्ट’ बनाता है। चलिए जानते हैं कि यह इक्विवेलेंस स्टेटस आपके करियर के लिए कौन-कौन से नए दरवाजे खोलता है।
Equivalence Status: क्या कहता है नियम?
भले ही 12वीं एक जनरल एकेडमिक पढ़ाई है और डिप्लोमा एक टेक्निकल कोर्स, लेकिन मध्य प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग और कई सरकारी बोर्ड्स ने इसे 10+2 के बराबर मान्यता दी है। इसका मतलब है कि जहाँ भी मिनिमम क्वालिफिकेशन 12वीं मांगी जाती है, वहाँ आप अपना डिप्लोमा सर्टिफिकेट निडर होकर लगा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आप टेक्निकल बोर्ड से इसका ‘इक्विवेलेंस सर्टिफिकेट’ भी बनवा सकते हैं।
डिप्लोमा करने के 5 ‘धमाकेदार’ फायदे (Career Benefits)
1. B.Tech में डायरेक्ट सेकंड ईयर एंट्री (Lateral Entry) डिप्लोमा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको इंजीनियरिंग डिग्री (B.E./B.Tech) के लिए 4 साल नहीं लगाने पड़ते। आप सीधे सेकंड ईयर में एडमिशन ले सकते हैं। इससे आपका एक कीमती साल बचता है और आप अपने दोस्तों से एक कदम आगे रहते हैं।
2. सरकारी नौकरियों की भरमार डिप्लोमा होल्डर्स के लिए रेलवे (RRB JE), SSC JE, और PWD जैसे विभागों में जूनियर इंजीनियर बनने का सीधा रास्ता खुलता है। इसके अलावा, जिन नॉन-टेक्निकल सरकारी नौकरियों में 12वीं पास माँगा जाता है, वहाँ भी आप एलिजिबल होते हैं।
3. जल्दी कमाई और जॉब रेडी स्किल्स 12वीं पास करने के बाद आप सिर्फ एक स्टूडेंट होते हैं, लेकिन 3 साल का RGPV डिप्लोमा करने के बाद आप एक ‘जूनियर इंजीनियर’ बन जाते हैं। पॉलिटेक्निक का करिकुलम इतना प्रैक्टिकल होता है कि आप कोर्स खत्म होते ही प्राइवेट या गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी शुरू कर सकते हैं।
4. स्किल एन्हांसमेंट और इंडस्ट्री डिमांड कंपनियाँ आज डिग्री से ज्यादा स्किल्स की कद्र करती हैं। डिप्लोमा के दौरान आप लैब वर्क और वर्कशॉप्स में जो सीखते हैं, वह 12वीं के स्टूडेंट्स को नहीं सिखाया जाता। यही वजह है कि प्राइवेट कंपनियां डिप्लोमा होल्डर्स को हाथों-हाथ लेती हैं।
5. पैसा और समय दोनों की बचत 10वीं के बाद सीधे डिप्लोमा करना समय के हिसाब से ज्यादा एफिशिएंट है। आप 3 साल में एक प्रोफेशनल बन जाते हैं, जबकि ट्रेडिशनल रास्ता (12वीं + 4 साल डिग्री) आपको 6 साल बाद वही मुकाम देता है।
हायर एजुकेशन के लिए भी है बेस्ट ऑप्शन
अगर आप इंजीनियरिंग के अलावा किसी और फील्ड में ग्रेजुएशन (जैसे B.Sc या BA) करना चाहते हैं, जहाँ 12वीं बेस मांगा जाता है, तो भी आपका डिप्लोमा पूरी तरह मान्य है। यानी आपके पास ऑप्शंस की कोई कमी नहीं रहती।
निष्कर्ष: फाइनल जजमेंट
अगर आप टेक्निकल फील्ड में अपना नाम बनाना चाहते हैं और जल्दी सेटल होना चाहते हैं, तो RGPV से डिप्लोमा करना एक स्मार्ट चॉइस है। लेटेस्ट अपडेट्स और प्रोसीजर के लिए हमेशा rgpvdiploma.in पोर्टल चेक करते रहें।




