Free Laptop Scheme 2026 : आजकल की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रह गई है। अगर आपके पास तकनीक नहीं है, तो आप दुनिया से पीछे छूट सकते हैं। ऑनलाइन क्लासेज, ई-बुक्स और डिजिटल असाइनमेंट के इस दौर में लैपटॉप अब ‘लक्ज़री’ नहीं बल्कि ‘जरूरत’ बन गया है। इसी बात को समझते हुए सरकार ‘वन स्टूडेंट वन लैपटॉप योजना’ लेकर आई है।
यह स्कीम स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद उन होनहार छात्रों को डिजिटल हथियार देना है जो पैसों की कमी की वजह से महंगा लैपटॉप नहीं खरीद पाते। अगर आप भी कॉलेज स्टूडेंट हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी।
सरकार का बड़ा विजन: स्मार्टफोन से एक कदम आगे
सरकार ने पहले टैबलेट और स्मार्टफोन बांटे थे, लेकिन अब बारी है लैपटॉप की। स्मार्टफोन पर आप वीडियो देख सकते हैं, लेकिन प्रोजेक्ट बनाना, कोडिंग सीखना या भारी सॉफ्टवेयर चलाना लैपटॉप पर ही मुमकिन है। सरकार चाहती है कि चाहे गांव का बच्चा हो या शहर का, सबको बराबर का मौका मिले। यह पहल भारत को ‘डिजिटल इंडिया’ बनाने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक है।
किन छात्रों की चमकेगी किस्मत?
यह योजना खास तौर पर उन स्टूडेंट्स के लिए है जो करियर की दहलीज पर खड़े हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: जिन्होंने 12वीं पास कर ली है और अब उच्च शिक्षा (Higher Education) ले रहे हैं।
- कोर्स: ग्रेजुएशन (BA, BSc, BCom), पोस्ट ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग, मेडिकल, ITI या पॉलिटेक्निक कर रहे छात्र इसके हकदार होंगे।
- प्राथमिकता: गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले छात्रों को लिस्ट में पहले जगह दी जाएगी ताकि डिजिटल गैप को खत्म किया जा सके।
फ्री लैपटॉप से बढ़ेगा आपका ‘स्वैग’ और नॉलेज
लैपटॉप मिलने के बाद आपकी पढ़ाई का अंदाज ही बदल जाएगा। आप घर बैठे दुनिया के बेहतरीन प्रोफेसर्स के लेक्चर्स देख पाएंगे। कोडिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग जैसे ‘चटपटे’ स्किल्स सीखकर आप पढ़ाई के साथ-साथ कमाई (Part-time job) भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, रिसर्च वर्क और असाइनमेंट बनाना चुटकियों का काम हो जाएगा, जिससे भविष्य में नौकरी मिलने के चांस बढ़ जाएंगे।
पात्रता की शर्तें: ये हैं जरूरी नियम
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
- छात्र ने कम से कम 12वीं कक्षा अच्छे नंबरों से पास की हो।
- वह किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ‘रेगुलर’ छात्र के तौर पर पढ़ रहा हो।
- छात्र उसी राज्य का मूल निवासी होना चाहिए जहाँ यह योजना लागू है।
- अगर पहले किसी सरकारी स्कीम में लैपटॉप मिल चुका है, तो दोबारा मौका नहीं मिलेगा।
- कॉलेज से आपका डेटा वेरीफाई होना जरूरी है।
फॉर्म भरने के लिए जरूरी ‘कागज’
रजिस्ट्रेशन से पहले ये डॉक्यूमेंट्स अपने पास संभालकर रखें:
- 12वीं की मार्कशीट और वर्तमान कॉलेज का आईडी कार्ड/फीस रसीद।
- आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल)।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
- पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
ऑनलाइन आवेदन की सिंपल स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अब दफ्तरों के चक्कर काटने का जमाना गया, आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट digishakti.up.gov.in (या अपने राज्य के पोर्टल) पर जाएं।
- ‘New Registration’ के लिंक पर क्लिक करें और अपनी पर्सनल डिटेल्स भरें।
- अपनी पढ़ाई की जानकारी जैसे रोल नंबर और कॉलेज का नाम सही-सही डालें।
- मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट्स को स्कैन करके अपलोड करें।
- फॉर्म को अच्छी तरह चेक करें और Submit बटन दबा दें। रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाली ‘एप्लीकेशन आईडी’ को संभालकर रखें, यही आपके लैपटॉप का रास्ता साफ करेगी।
सावधानी हटी, स्कैम हुआ!
एक बात ध्यान रखें—यह योजना बिल्कुल मुफ्त है। अगर कोई आपसे लैपटॉप दिलाने के नाम पर एक रुपया भी मांगे, तो समझ जाइए कि वह फ्रॉड है। किसी भी अनजान लिंक पर अपनी बैंक डिटेल्स न डालें। केवल सरकारी पोर्टल पर ही भरोसा करें। अपने कॉलेज के बाबू या प्रिंसिपल से संपर्क में रहें, क्योंकि लैपटॉप बांटने से पहले कॉलेज लेवल पर वेरिफिकेशन होता है।
निष्कर्ष: सपनों को दें डिजिटल उड़ान फ्री लैपटॉप योजना छात्रों के सुनहरे भविष्य की चाबी है। अगर आप इसके पात्र हैं, तो बिना देरी किए फॉर्म भरें। तकनीक का सही इस्तेमाल ही आपको कल का लीडर बनाएगा।