Bihar Pension New Update 2026: अब ₹400 नहीं, सीधे ₹1100 आएगी पेंशन, जानें किसे मिलेगा फायदा

Bihar Pension New Update 2026: बिहार के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग भाइयों-बहनों के लिए नए साल से पहले एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर चेहरा खिल उठेगा। बिहार सरकार ने समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों के लिए अपने खजाने का दरवाजा खोल दिया है। अब तक मिलने वाली मामूली ₹400 की पेंशन को बढ़ाकर सीधे ₹1100 महीना कर दिया गया है।

यह कोई छोटी-मोटी बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि सीधे करीब तीन गुना इजाफा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फैसले से राज्य के लगभग 1 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी में ‘बहार’ आने वाली है। चलिए जानते हैं कि इस बढ़ी हुई पेंशन का पैसा आपके खाते में कब से खनकना शुरू होगा और इसके लिए क्या नया नियम बनाया गया है।

इन 3 वर्गों की हो गई ‘चांदी’, जुलाई से मिलेगा लाभ

सरकार ने साफ कर दिया है कि इस पेंशन वृद्धि का फायदा मुख्य रूप से तीन श्रेणियों को मिलेगा:

  1. बुजुर्ग नागरिक: वे दादा-दादी जिन्होंने पूरी उम्र मेहनत की और अब उन्हें सहारे की जरूरत है।
  2. विधवा महिलाएं: वे माताएं-बहनें जो अकेले दम पर घर चला रही हैं और आर्थिक तंगी झेल रही हैं।
  3. दिव्यांग व्यक्ति: हमारे वे भाई-बहन जो शारीरिक चुनौतियों की वजह से काम नहीं कर पाते और दूसरों पर निर्भर हैं।

अच्छी बात यह है कि यह बढ़ी हुई राशि जुलाई महीने से ही लागू मानी जाएगी, यानी अब आपको पुरानी कम राशि के साथ गुजारा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

₹400 से ₹1100 का सफर: महंगाई में मिला बड़ा सहारा

आज के जमाने में जब ₹100 की तो एक किलो दाल भी नहीं आती, तब ₹400 में पूरा महीना काटना किसी सजा से कम नहीं था। बुजुर्गों को अपनी दवाइयों और छोटी-मोटी जरूरतों के लिए बच्चों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था। लेकिन अब ₹1100 मिलने से वे थोड़े ‘आत्मनिर्भर’ बन सकेंगे। यह ₹700 की एक्स्ट्रा मदद भले ही कुछ लोगों को कम लगे, लेकिन उन परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी बात है जिनके पास कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं है।

बिचौलियों का ‘पत्ता साफ’, सीधे खाते में आएगा पैसा

भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए सरकार ने Direct Benefit Transfer (DBT) का सहारा लिया है। अब किसी भी मुखिया या दलाल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सरकार हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन की राशि सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर देगी। इससे न तो पैसा बीच में रुकेगा और न ही कोई आपसे कमीशन मांग पाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ‘पारदर्शिता’ के साथ हर हकदार को उसका पूरा पैसा मिले।

पंचायती राज के ‘मानदेय’ में भी भारी इजाफा

सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों की भी लॉटरी लग गई है। सरकार ने मुखिया, जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के भत्तों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी की है:

  • जिला परिषद अध्यक्ष: ₹20,000 से बढ़कर अब ₹30,000 मिलेंगे।
  • उपाध्यक्ष: अब ₹10,000 के बजाय ₹20,000 पाएंगे।
  • मुखिया जी: अब ₹5,000 के बदले ₹7,500 का भत्ता मिलेगा। साथ ही, मुखिया अब ₹10 लाख तक की योजनाओं को खुद मंजूरी दे सकेंगे, जिससे गांवों में विकास का काम ‘बुलेट ट्रेन’ की रफ्तार से होगा।

जनता का रिएक्शन: “अब खुद खरीद सकेंगे अपनी दवा”

इस घोषणा के बाद बिहार के गांवों और शहरों में खुशी का माहौल है। कई बुजुर्गों का कहना है कि अब वे अपनी पसंद का फल या जरूरी दवाइयां बिना किसी से पैसे मांगे खरीद पाएंगे। समाजसेवियों का मानना है कि यह कदम बिहार में ‘सामाजिक न्याय’ की असली तस्वीर पेश करता है। हालांकि, कुछ लोगों की मांग है कि महंगाई को देखते हुए इसे भविष्य में ₹1500 या ₹2000 किया जाना चाहिए, पर फिलहाल ₹1100 भी एक बड़ी राहत है।

अगर आप या आपके परिवार में कोई इस पेंशन का हकदार है, तो सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और केवाईसी (KYC) अपडेटेड है, ताकि जुलाई की बढ़ी हुई पेंशन बिना किसी रुकावट के आपके खाते में पहुंच सके।

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