PM Shram Yogi Maandhan Yojana 2026- भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन’ (PM-SYM) योजना देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों, रिक्शा चालकों, निर्माण मजदूरों और घरेलू कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3000 रुपये की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन दी जाती है। 2026 में भी यह योजना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जिनके पास भविष्य के लिए कोई औपचारिक पेंशन सुविधा नहीं है।
क्या है 3000 रुपये वाली पीएम मान-धन योजना का उद्देश्य
इस योजना को ‘ओल्ड एज प्रोटेक्शन’ यानी बुढ़ापे की सुरक्षा के रूप में देखा जाता है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पास नियमित आय का कोई जरिया नहीं होता और न ही वे ईपीएफओ (EPFO) जैसी योजनाओं का हिस्सा होते हैं। सरकार की इस पहल का लक्ष्य इन मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें दवाओं, भोजन और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। यह एक ‘स्वैच्छिक और अंशदायी’ (Voluntary and Contributory) पेंशन योजना है, जिसमें जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी आपके खाते में डालती है।
आवेदन के लिए पात्रता और मासिक योगदान का नियम
पीएम-एसवाईएम योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें तय की गई हैं। आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो ईपीएफओ, ईएसआईसी (ESIC) या एनपीएस (NPS) के सदस्य नहीं हैं और न ही आयकर (Income Tax) भरते हैं। योजना में शामिल होने की उम्र के आधार पर आपको हर महीने 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का योगदान करना होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं, तो आपको केवल 55 रुपये देने होंगे, और सरकार भी अपनी तरफ से 55 रुपये जमा करेगी।
तीन मुख्य ‘मान-धन’ योजनाओं का विवरण
अक्सर लोग 3000 रुपये वाली योजना को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, क्योंकि सरकार इसी तरह की पेंशन तीन अलग-अलग वर्गों के लिए चलाती है:
- पीएम श्रम योगी मान-धन (PM-SYM): यह स्ट्रीट वेंडर, मोची, धोबी और निर्माण मजदूरों के लिए है।
- पीएम किसान मान-धन (PM-KMY): यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए है जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है।
- पीएम लघु व्यापारी मान-धन (PMLVM): यह छोटे दुकानदारों और खुदरा व्यापारियों के लिए है जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है।
इन तीनों ही योजनाओं में लाभार्थियों को 60 साल की उम्र के बाद 3000 रुपये प्रति माह की समान पेंशन दी जाती है।
पारिवारिक पेंशन और विकलांगता के लाभ
इस योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘पारिवारिक पेंशन’ का प्रावधान है। यदि पेंशन प्राप्त करने के दौरान लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (Spouse) को आधी राशि यानी 1500 रुपये प्रति माह पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलते रहेंगे। यह सुविधा केवल जीवनसाथी के लिए ही मान्य है। इसके अलावा, यदि कोई लाभार्थी 60 वर्ष की आयु से पहले स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है और योगदान जारी रखने में असमर्थ होता है, तो उसका जीवनसाथी नियमित योगदान देकर योजना को जारी रख सकता है या योजना से बाहर निकलकर जमा राशि ब्याज सहित वापस ले सकता है।
आवेदन कैसे करें और जरूरी दस्तावेज
योजना के लिए पंजीकरण करना बेहद आसान है। आपको अपने नजदीकी ‘जन सेवा केंद्र’ (CSC) पर जाना होगा। आवेदन के लिए आपके पास आधार कार्ड, बचत बैंक खाता या जन-धन खाता विवरण (IFSC कोड के साथ) और एक सक्रिय मोबाइल नंबर होना चाहिए। पहली किस्त का भुगतान नकद में करना होता है, जिसके बाद आपके बैंक खाते से ‘ऑटो-डेबिट’ की सुविधा शुरू कर दी जाती है। पंजीकरण सफल होने पर आपको एक ‘श्रम योगी कार्ड’ (PM-SYM Card) दिया जाता है जिस पर आपका विशिष्ट पेंशन नंबर अंकित होता है। 2026 में इसके लिए ऑनलाइन स्व-पंजीकरण (Self-registration) की सुविधा भी आधिकारिक पोर्टल maandhan.in पर उपलब्ध है।